I am an Astrologer,Amateur Singer,Poet n Writer. Interests are Spirituality, Meditation,Classical Music and Hindi Literature.
Saturday, 15 August 2026
६८५: ग़ज़ल १५/८/२०२६
Thursday, 13 August 2026
६८४: ग़ज़ल: १३/८/२०२६
Monday, 3 August 2026
६८३: ग़ज़ल (३/८/२६)
Friday, 31 July 2026
६८२: ग़ज़ल ३१/७/२०२६
Monday, 27 July 2026
६८१: ग़ज़ल: २७/७/२६
Thursday, 23 July 2026
ग़ज़ल: ६८० (२३/७/२०२६)
Saturday, 18 July 2026
६७९: ग़ज़ल (१८/७/२७)
६७८: ग़ज़ल (१६/७/२६)
Wednesday, 15 July 2026
६७७: ग़ज़ल (१५/७/२६) उसकी वफ़ा का
ये पांव क्यों अपना दलदली जमीं कर लूं।।
चेहरे से तो वो सच में बड़ा मासूम दिखता है।कांटों भरे गुलाब से भला कैसे दोस्ती कर लूं।।
Thursday, 9 July 2026
६७६: ग़ज़ल (९/७/२६)
Friday, 3 July 2026
ग़ज़ल ३/७/२६। ।।६७५।।
Wednesday, 1 July 2026
६७४: ग़ज़ल
Tuesday, 3 March 2026
६७३: टेसू के फूल
टेसू के फूल शरबती आंखों में खिल रहे।
यार के संग अपने जब हम गले मिल रहे।।
रंगो का त्यौहार जब शबाब पर आया।
सुरूर तो छाया पर ये लब हैं सिल रहे।।
एक दिन जब वो मिलने को कह गए।
रात सारी ख्वाब रंगीन देखते दिल रहे।।
मौसम की तरह बदलते दिखते हैं सब लोग।
कहो कौन अब जो ज़ुबां ए मुस्तकबिल रहे।।
बस फरियाद,आरजू तुझसे एक यही यारब।
बगैर "उस्ताद" जेहन न तेरा मुन्तक़िल रहे।।
नलिन "उस्ताद"
६७२: खुदा के सिवा
खुदा के सिवा और कुछ भी,वो हैं जानते नहीं।
हद है मगर,जहां खुदा उसे कतई मानते नहीं।।
मतलब पड़े तो,दस बार आते हैं तलवे चाटने।
वरना तो भूल कर कभी,चौखट झांकते नहीं।।
मोहब्बत में हमसे,किए तो थे अनगिनत वायदे।
जाने कहां,किस दुनिया में हैं,जो निभाते नहीं।।
वही बेशर्मी,धोखे लिए आ गए फिर बस्ती में।
खोटे सिक्के मगर बार-बार कभी चलते नहीं।।
होली-दीवाली के मौसम तो आ रहे हर साल।
जोश,जज्बा,रवानगी पहले सी वो भरते नहीं।।
यूं जब भी मिले कलाम पर हमारे सजदा किया।
जो भेजे हजार एक भी "उस्ताद" छापते नहीं।।
नलिन "उस्ताद"
६७१: लो फिर से एक बार दर्द को हवा दी है
लो फिर से एक बार दर्द को हवा दी है।
खुद को ही अपनी कलम से सजा दी है।।
कहें तो कैसे कहें भला उसे हम बेवफ़ा।
जाने कब से ये लौ उसकी जला रखी है।।
पहल हम करें या करें यार अब वो।
हर हाल तक़दीर ए क़ज़ा अपनी है।।
दरिया,मैदान,पहाड़ सब छान लिए।
कौन जाने कहां से ये सदा आती है।।
बांहों में भर लोगे तुम ये यक़ीन तो है मुझे।
जिस्म अब "उस्ताद" सांस कहां आती है।।
नलिन "उस्ताद"