Monday, 20 September 2021

394: गजल- फैसले कौन खरे उतरे?

लीजिए दो दिन हुए भी नहीं जलजले से निकले।
जनाब बौछार की फिर से फरमाइश करने लगे।।

गर्मी,सर्दी,बरसात ये तो आयेंगी जिंदगी में आपकी।
डरते भला क्यों हैं फिर आप इम्तहानों से इन हल्के।।

दर्द के जाम हलक से उतरने पर भर देते हैं खुशी।
सीखिए जिन्दगी में सबर और समझौते भी करने।।

कारखानों की तरह नहीं हांकिए हसीन जिंदगी को।
कठपुतली बनाके क्यों मासूमियत हैं इसकी छीनते।।

"उस्ताद" छोड़ दिया कीजिए कुछ तो परवरदिगार पर भी।
वैसे कहिए फैसले आपके अब तलक कौन से खरे उतरे।।

@नलिनतारकेश

Friday, 17 September 2021

393: गजल- किस्मत गले लगायेगी

यार के दीदार को जब लगन सच्ची लग जायेगी।
कहो कौन सी भला चट्टान जो तुझे रोक पायेगी।।

प्यार तो है मासूम शय* गुलों से भी ज्यादा मुलायम।*वस्तु
जो आए अपने पर तो देखना यही सब को डरायेगी।।

हैं राहें रपटीली बड़ी जो मंजिल को उसकी तरफ जातीं। रखना हर कदम को फूंक-फूंक वरना तुझे यही गिरायेंगीं।

पत्थरों को भी जैसे लहरें छूकर बना देती हैं शालिग्राम*। जज्बात निकले दिल से गहरे तो किस्मत गले लगायेगी।।
*भगवान 

चाह के तो देखिए पूरी शिद्दत से एक बार उसे"उस्ताद"। कायनात भी भला कहाँ आपकी हसरत ये रोक पायेगी।।

@नलिनतारकेश

Thursday, 16 September 2021

392: गजल- उस्ताद जी सोमरस गटक रहे

पुरजोर जोश में कल रात से बादल बरस रहे।
खिले तन-मन सभी जो हाल तक झुलस रहे।।

कहो पता था किसे गजब ऐसा भी हाल हो जायेगा।
देख सैलाब पानी का सब रुकने को इसके तरस रहे।।

देता है छप्पर फाड़ के खुदा जब अपनी पर आए तो।
मुँह छुपाए खड़े हैं सभी कल तक जो थे तंज कस रहे।।

तरबतर हो गए घर की दहलीज लाँघी जो उन्होंने।
मुसाफिर तो हर दिन के जैसे बस यहाँ परबस रहे।।

उठाना अंदाज़े लुत्फ हर आदमी का तो जुदा रहा है। 
देख मौसम सुहाना "उस्ताद" जी गटक सोमरस रहे।।

@नलिनतारकेश

Wednesday, 15 September 2021

391: गजल- मौसम हुआ गुलाबी

मौसम हुआ गुलाबी तो ग़ज़ल ये लिखने लगा।
जो याद आई तुम्हारी तो सजदा मैं करने लगा।।

बादलों से बूंदे नाचती आकर मुझे जो छू रहीं।
हूं तुम्हारे बहुत पास अहसास सच होने लगा।।

परिंदों की चहचहाहट आँगन में कूकती है सुरमई।
लो तुम्हारी आवाज भी अब हर ओर मैं सुनने लगा।।

पत्ते हरे दरख़्त के अंगड़ाई ले जवां हो गए सारे।
खयाल में डूबा इस कदर कि तुम्हें ही देखने लगा।।

अब तो हवा भी मनचली हो साथ बहा ले जा रही मुझे। "उस्ताद" खुशबू से उसे पता तेरा शायद मिलने लगा।।

@नलिनतारकेश

Tuesday, 14 September 2021

राधाष्टमी की भक्तों को बहुत बहुत बधाई

राधाष्टमी की हार्दिक बधाई सभी भक्तों को
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कृष्ण को राधा ने जबसे आत्मरूप पूर्णतः स्वीकार कर लिया। 
भक्त का अपने ऐसे प्रभु ने बनना सेवक स्वीकार कर लिया।।

अब तो राधा के बस भ्रू-विलास का ही अनुसरण करते हैं प्रभु जी।
जगन्नाथ होकर भी भक्त के इशारों पर नाचना स्वीकार कर लिया।।

अब बिना राधा के कहो कौन सुनने को तैयार है बाँसुरी श्याम की।
कृष्ण को ही जब से राधा ने अपना प्राणाधार स्वीकार कर लिया।।

हंसी,ठिठोली या रूठ कर जिद खुद को मनाने की करती हों राधारानी।
कृष्ण ने बेहिचक हर प्रस्ताव राधा का चुपचाप से स्वीकार कर लिया।।

मृदुल "नलिन" चित्त भक्तों को जबसे ब्रजेश्वरी का ज्ञात ये सामर्थ्य हुआ।
कृष्ण को छोड़ सबने तबसे ही राधा को अपना भगवान स्वीकार कर लिया।।

                      ।। जय जय श्री राधे ।।
@नलिन तारकेश

390: गजल- हिन्दी का परचम फहराया जाए

390: गजल- हिन्दी का परचम फहराया जाए 

जुबां में आओ अब तो यूँ शहद घोला जाए।
मादरे जुबां में ही प्यारी गुफ्तगू किया जाए।।

जेहन में ख्वाब बुनते हैं हम जिसके सहारे।
लबों से उन्हीं लफ्ज़ों को गुनगुनाया जाए।।

गुलामी की जंजीरें हमें अब तो तोड़नी होंगी।
जुबां को अपनी हर हाल तरजीह दिया जाए।।

यूँ तो अच्छा है कि जानिए जितनी भी जुबानें। 
मगर क्योंकर अपना ककहरा भुलाया जाए।।

उर्दु ये अपनी मौसी बनी है हिन्दी के ही चलते।
चलो ये राज असल अब सबको बताया जाए।।

जो जोड़ती है दिलों को गहरे जड़ों से "उस्ताद"।
अपनी बोली का उसी आओ परचम फहराया जाए।।

@नलिनतारकेश

Monday, 13 September 2021

389: गजल- दामन ना छोड़िए

दिल में मस्ती औ जुनून आँखों में अपनी घोलिए। 
इनसे मिलने की कवायद इस तरह शुरू कीजिए।।

खायेंगे ये तो भाव बहुत ही हसीं सबसे ज्यादा जो ठहरे। 
हर हाल अब आप इनके नखरे उठाना सीख लीजिए।।

यूँ ना आसानी से गिरफ्त में प्यार की आयेंगे सरकार ये। दिल खोल उड़ेल अपना सब कुछ दरियादिली दिखाइए।।

हैं चाहने वाले एक नहीं इनके हजार मारे-मारे फिर रहे। दूसरों से अलग हटके जरा रूमानियत अपनी जताइए।।

भरम में हजार डाल जुल्फें छिटक बच के निकल जाएंगे। किसी भी कीमत मगर छोड़ने की भूल दामन न सोचिए।।

ये तो हैं उस्तादों के भी बड़े "उस्ताद" जानिए कसम से।
जनाब यूँ मुगालते में भी कभी इनको हल्के में न लीजिए।

@नलिनतारकेश