Wednesday, 11 May 2016

U.K.मिशन पैकेट -कामयाब


जहाँ -जहाँ पहुंचा पैकेट का दिव्य महाभोग
खिलखिलाए सभी वो,त्रस्त रहे बचे लोग।
मिशन पैकेट तो हुआ कामयाब पुरजोर
अब करें क्या लाचार,खूब मचा  कर शोर।
अभी जीत हो जैसे-तैसे,यह सरकार की सोच
बाकी जवाबदेही का,कहाँ है कलियुग मोल।
जनता की तो हालत पस्त है,पिस रही वो बेमौत
चैन की बंसी बजा रहे पर,सत्ता के भूखे लोग।



Thursday, 7 April 2016

भारतीय नव-वर्ष "सौम्य " ---संक्षिप्त फल

भारतीय नव-वर्ष "सौम्य " ---संक्षिप्त फल 


7  अप्रैल, 2016 गुरूवार को  सायं 4 :54 पर सिंह लग्न में "सौम्य" नामक नया विक्रमी संवत 2073 प्रारम्भ होगा।  परन्तु शास्त्र नियमानुसार नव संवत का विधिवत प्रारम्भ 8 अप्रैल शुक्रवार से स्वीकार्य होगा और "शुक्र" ग्रह राजा तथा बुध गृह मन्त्री होंगे।  अतः इस दिन से जप, पाठ, पूजन आदि में "सौम्य" नामक संवत्सर  का संकल्प आदि में प्रयोग किया जायेगा। 
नव वर्ष प्रवेश लग्न चक्र : सिंह लग्न अर्थात प्रथम भाव जिसमें बृहस्पति व राहु बैठे हैं, चतुर्थ भाव वृश्चिक में मंगल, शनि, सप्तम भाव कुम्भ में केतु, अष्टम भाव मीन में सूर्य, चन्द्र, शुक्र तथा नवम भाव मेष में बुध  बैठे हैं।
सौम्य संवत्सर का फल : राष्ट्र में सुख,शांति में वृद्धि, कानून व्यवस्था में सुधार, उत्पादन अच्छा हो, उपयोगी वर्षा। सिंध प्रदेश (पकिस्तान, अफगानिस्तान आदि ) में आगजनी, अशांति आदि।
संवत्सर का वाहन :  दादुर अर्थात मेंढक होने से देश में कहीं अधिक वर्षा, भूस्खलन, प्राकृतिक प्रकोप संभव।
राजा शुक्र मंत्री बुध होने से देश में भोगविलास सुख सुविधाएं बढ़ेंगी। फल, फूल, खाद्यान्न गाय आदि चौपायों  में वृद्धि। व्यापारी सुखी, सम्भवतः कुलीनता में कमी, चरित्र दोष आदि बढ़ें, मीडिया फिल्म/टीवी  इस विषय पर काफी सक्रिय होंगे।

8 अप्रैल, चैत्र प्रतिपदा के दिन वैधृति योग           प्रातः 10 : 44 तक रहेगा। यद्यपि शास्त्रों में इसका पूर्वार्ध भाग ही विशेष दोषपूर्ण माना जाता है तथापि श्रेष्ठ यही होगा की 8 अप्रैल को प्रातः 10 :44 उपरांत ही नवरात्र का आरम्भ घट-स्थापन दीप पूजन आदि कृत्य किया जाये। 

लाभ हानि चक्र : इसके अनुसार  मेष, वृश्चिक, मकर, कुम्भ राशि वालों के लिए यह वर्ष बहुत शुभ है।  उन्हें अकस्मात् धन लाभ तथा भूमि/मकान आदि के  क्रय विक्रय से लाभ।  वृष, तुला, धनु व मीन राशि वालों को धन प्राप्ति के अवसर का योग मध्यम है तथा उनको अपने खर्चों पर नियंत्रण करना चाहिए।  मिथुन और कन्या राशि वालों के लिए धन प्राप्ति अत्यन्त कठिनाई से ही संभव है।  वहीँ उन्हें अपने शारीरिक स्वास्थय पर भी ध्यान देना चाहिए।  कर्क और सिंह राशि वालों के लिए भी यह वर्ष हानि की ही संभावनाओं को अधिक व्यक्त करता है।
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Wednesday, 6 April 2016

"सौम्य" चैत्र नववर्ष का शुभ आगमन {8 april 2016}


"सौम्य" चैत्र नववर्ष का शुभ आगमन 
परिवार संग आप सब को मंगलमय हो। 
पथ प्रशस्त हो आपका दसों दिशा 
मुस्कान अधरों पर सदा खिली हो। 
प्रेम,स्नेह से भरे स्वस्थ सम्बन्ध रहें 
हर दिन सभी का खूब उल्लासमय हो। 
                                                     सदभावना,छमा करूना,दया का ढेर सारा 
                                                        सदा रंग पक्का ह्रदय में सबके सजा हो।
कामना नववर्ष पर आप सबके लिए 
प्रकाश पर्व की अब नयी शुरुआत हो।  



Tuesday, 29 March 2016

मैंभटक रहा हूँ साईं


 मैं भटक रहा हूँ साईं
जाने कब,किस युग से
वही मल लपेटे,इतराते।
पर कुछ समझ न आता
तेरे भला होते हुए
कब तक भटकूंगा मैं ऐसे
गली-गली हर कूचे।
जाने कब तू अपने हाथों से
मेरा मन भवन श्रृंगार करेगा
रगड़-रगड़,मैल छुड़ा कर                                                      
बाल-काढ़,स्नान करा देगा।
नए धवल वस्त्र पहना
नजर का टीका लगा देगा
तो फिर मैं बन जाऊंगा
सुंदर,सुघड़ सलोना।
 तब तू मुख-चुम्बन लेकर मेरा
हँसते हुए उठायेगा
और अपनी छाती लगा मुझे
अमृत-पान करायेगा।
  

Sunday, 27 March 2016

मैं बेपरवाह,बावजूद इसके


भूल तो जाता हूँ मैं अक्सर 
जब चलता हूँ एक कदम 
पर ठिठक कर रह जाता हूँ 
 उसका दुष्परिणाम देख कर। 
तब दूसरा कदम चलने से पहले 
बस याद आ जाती तुम्हारी 
बिगड़ी सुधारने को,स्वार्थ भरी 
स्मृति में छवि,फिर है उभरती। 
और तुम भी सदा की तरह ही 
भुला मेरी कटुता,दुराचरण 
कैसे दौड़े चले आते हो तत्काल ही 
आँचल से सहला,अंगुली पकड़ 
सन्मार्ग पर ले चलने केलिए 
पर मैं बेपरवाह,बावजूद इसके 
फिर नया कदम,हाथ छुड़ा 
रखता हूँ पूरा अकड़ के 
पर फिसल जाता हूँ फिर 
काम,क्रोध,लोभ जैसे दलदलों में। 

Tuesday, 22 March 2016

बस यही एक प्रार्थना


साईं नतमस्तक हो 
तुमसे करता हूँ प्रार्थना
 कि जैसे भी हो 
साकार करो कामना। 
वरना तो  कसम से 
रहूँगा न घर का न घाट का 
जाऊंगा कहाँ भला
 कुछ भी तो नहीं पता। 
तुम्हारे लिए कुछ नहीं 
दरअसल मेरी ये चाहना 
जबकि तुम्हारी ही कृपा 
मिटाती हर वासना। 
चरणाश्रित हमको बना 
दूर करो उलाहना 
शुद्ध,निष्पाप हो मन सदा 
बस यही एक प्रार्थना। 

Sunday, 20 March 2016

ज्योत जल गयी

  

साईं लो तुम्हारी याद आ गयी 
सौभाग्य की बरसात आ गयी 
कड़ी धूप में चला दो कदम नहीं
 काले मेघों की टोली आ गयी 
सूझता अँधेरे में हाथ को हाथ नहीं था 
मगर देखो तुम्हारी कृपा से 
श्रद्धा-सबूरी की  जगमग 
दिल में मेरे ज्योत जल गयी।