Wednesday, 24 April 2013

Anjali of concise Alphabet for Sachin

Unequalled benchmark on sky
Promising successor of God's glory
Simple & energised, concentrated identity
Vigorous excellence,"Ganesh"of cricket game
Monarch's Victories ultimate slogan
Shining glimpse memorundum of team
"Master"firmly installed pile of gifts
By incessantly carding cash,eleven foot-soldiers
Trembled fielder,braggart paid interest of eternal spirit
Established his image for ages in the (cricket) field
Peculiar "Son","Century Sri"  united from  age of "Sixteen"
Fascinating, affectionate,signature of everybody's heart.
 


Monday, 14 May 2012

वो मासूम,प्यारी, नन्ही परी


वो मासूम,प्यारी, नन्ही परी
जाने कितने ढेर सपने संजोये
आने को बेताब बहुत  रहती है
जब हमारी इस धरा पर
रिश्तो  में पायल की रुनझुन 
मीठी सरगम के स्वर भरते
बेटी,बहन, माँ के स्वरुप में 
दिलो में इंसानियत जगाने 
धरा के हर घर-आंगन को
खुशियौं के हजार-हजार रंग से 
सरोबार करने, उसे महकाने
अपने इत्र में डूबे जज्बात से
तो हमारा समाज क्योँ  भला 
घौंट देता है बेदर्दी से उनका गला 
जानते बूझते की उनसे ही सदा
सृष्टि क्रम आगे बढ़ सकेगा
   

Friday, 16 March 2012

सचिन-संछिप्त वर्णमाला अंजलि

 
अप्रतिम अंकित अंगूठा आकाश पर
इकबाल ईश्वर के,उदयीमान-उत्तराधिकारी  
ऊर्जा-ऋजु,एकचित्त ऐकात्म्य 
ओजस्वी ओत्कार्ष्य क्रिकेट खेल गणेश 
घोष चरम "छत्रपति"की ,जयश्री का 
ज्ञापन-ज्वलंत झलक टीम की
ठाकुर डटा,ढोली (बास्केट फुल ऑफ़ २०० पान के पत्ते )तोहफे   के थापी 
दनादन धुनाई,नकद पंद्रह प्यादों की 
प्रकम्पित फील्डर बडबोलो ने "ब्याज-ब्रह्म "भरा
मेदान में युग-युगांतर को "रंग-जमाया"
लाल विलक्षण,शतकवीर श्रीमान शिल्ष्ट षोडसवय से
सम्मोहक,स्नेहमयी हस्ताक्षर ह्रदय-ह्रदय के     

Monday, 2 January 2012

हो सबको बहूत मुबारक


हर तरफ हो धवल प्रकाश
उत्साह-उल्लास का सैलाब
इन्द्रधनुषी रंगों की बयार
खिले ह्रदय आये बहार
संगीत के सप्त सोपान
... मेल-मिलाप बने तान
हों सभी जन खुशहाल
पाएं प्यार,स्नेह,दुलार
नयन स्वप्न उठें अपार
पाएं सब असल आधार
युवा,बाल,वृद्ध सबका
हों सदा-सदा सम्मान
नववर्ष तुम्हारा आगमन
रचे ऐसा मंगल विधान
हों सबको बहूत मुबारक
नववर्ष २०१२ सुबह-शाम

आइये संकल्प करें हम

आइये संकल्प करें हम
ह्रदय से,समवेत स्वर में 
नववर्ष के शुभागमन पर
अपने भीतर जो है बसता
अंतरात्मा सदन में
या कहें अपने विवेक,बुद्धि में
बहुत कुछ है करना सुधार
शेष जो हमारे व्यक्तित्व में
करें उसकी प्रण-प्राण चेष्टा
पूरे उत्साह,मनोयोग से
जीवन-मरण जो नहीं अपने हाथ
सुअवसर जितना मिले,बस उसे साध
व्यर्थ यूँ एक सांस जाने न दें
एक-एक पल, जितना भी हो सके
अपना जीवन सुधार लें। 

Friday, 11 November 2011

अमित -आभ

हरिवंश तेज ,अमित -आभ,जयाभिषेक देदीप्य    भाल
युग पुरुष,अभिनय सम्राट,कला जगत,अनुपम वरदान
कीर्ति गाथा,अकथनीय विशाल,शांत-मृदुल, व्यक्तित्व विराट
नमन मै   करूँ  किस मुख से आपका ,शब्द सीमित हुए  आज

Tuesday, 11 October 2011

गजल-79 (जगजीत)एक मिसाल बन रह गयी

गजल की  शहनाई खामोश हो रह गयी।
दुनिया-ए-गजल आज बदहाल हो ढह गयी।।
 
सुरों के मखमली सैलाब की रुक गयी राह ।
गमे दिल को बहलाने की बात तो बह गयी।। 

पाकीजगी,शऊर और लफ्जों की जादूगरी।
ये क्या हुआ या खुदा ये किसकी नजर डह गयी।।
 
रवायतें और नए अंदाज में फन की बारीकी। 
जगजीत की गायकी इस जहां मिसाल बन रह गयी।।
 
मुक़र्रर ,इरशाद,बहुत खूब का जशने चराग़ा। 
"उस्ताद"-ए-ज़र्राफ़* की महफिल आज तो छह गयी।।
* (होनहार)
@नलिन #उस्ताद